अदानी समूह बंद पड़ी अपनी सीमेंट फैक्ट्री चलवाने के लिए कर रहा ये कोशिश

Himachal pradesh Hindi

DMT : हिमाचल प्रदेश : (23 जनवरी 2023) : – अदानी समूह ने हिमाचल प्रदेश में स्थित अपनी दो सीमेंट फैक्ट्रियों में एक बार फिर काम शुरू कराने से जुड़ी कोशिशें शुरू कर दी हैं.

अदानी समूह इस दिशा में राज्य सरकार के साथ बातचीत कर रहा है.

अदानी समूह ने कहा है कि ट्रक चालकों की यूनियन को पचास हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए तैयार होना होगा और 3311 ट्रकों की संख्या को कम करके 550 तक लाना होगा. इसके साथ ही अदानी समूह ने कहा है कि कामकाज से जुड़े सभी तरह के फ़ैसले लेने का अधिकार कंपनी को होना चाहिए.

अदानी समूह के स्वामित्व वाली एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स के सीइओ अजय कपूर ने हिमाचल प्रदेश की स्थाई समिति के अध्यक्ष और राज्य के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है, “ये बेहद गंभीर स्थिति है क्योंकि यूनियन ट्रांसपोर्ट से जुड़े सभी अहम फ़ैसलों को प्रभावित करने के साथ ही उन्हें ले भी रही है जो कंपनी के कार्यक्षेत्र में आते हैं. माल-ढुलाई की दरें यूनियन तय करती है, इस वजह से इन दरों को कृत्रिम रूप से बढ़ाकर रखा गया है.”

हिमाचल सरकार ने साल 2005 में माल ढुलाई की दरों के आकलन के लिए एक स्थाई समिति बनाई थी. अदानी समूह और राज्य सरकार इस मुद्दे पर बीते एक महीने से बातचीत कर रहे हैं. इस दिशा में अंतिम बैठक बीते शुक्रवार को हुई थी जिसमें सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान भी शामिल हुए. लेकिन ये मीटिंग भी बेनतीज़ा रही.

हिमाचल प्रदेश की नई सरकार के लिए अदानी समूह के साथ जारी इस गतिरोध का हल निकालना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इन दोनों सीमेंट फैक्ट्रियों से हिमाचल प्रदेश के बीस हज़ार परिवार प्रभावित होते हैं.

इस विवाद के केंद्र में कंपनी की ओर से माल ढुलाई के लिए ट्रक चालकों को दिया जाने वाला पैसा शामिल है. राज्य सरकार का कहना है कि इस शुल्क में करों से लेकर बीमा, गाड़ियों की मरम्मत समेत 11 मद शामिल हैं.

ख़बरों के मुताबिक़, अदानी समूह ने अंबुजा सीमेंट लिमिटेड के लिए 11.41 रुपये और एसीसी के लिए 10.58 रुपये की दर को घटाकर छह रुपये की दर से भुगतान करने की पेशकश की थी.

लेकिन ट्रक चालकों ने इस दर को अस्वीकार कर दिया जिसके बाद अदानी समूह ने अपनी फैक्ट्रियों को बंद कर दिया था.

कपूर ने अपने पत्र में कहा है कि एक साल में 50 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय की जानी चाहिए.

उन्होंने ये भी सुझाया है कि इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में फिलहाल न्यूनतम दूरी को चालीस हज़ार तय करना चाहिए और दो सालों में पांच-पांच हज़ार किलोमीटर बढ़ाकर कुल पचास हज़ार किलोमीटर की क्षमता तक पहुंचना चाहिए.

अतिरिक्त ट्रकों को ख़त्म करने पर उन्होंने लिखा है, “जैसा कि हमने अपने पिछले 12 जनवरी वाले पत्र में बताया था कि अंबुजा और एसीसी सीमेंट को मौजूदा 3311 ट्रकों की जगह सिर्फ 550 ट्रकों की ज़रूरत है. ऐसे में अगले तीन सालों में अतिरिक्त ट्रकों को हटाया जाना चाहिए.”

“ट्रांसपोर्ट से जुड़े सभी फ़ैसलों को कंपनी की ओर से लिया जाना चाहिए जैसा कि दूसरे राज्यों में होता है. ट्रक ड्राइवरों की तैनाती से लेकर रूट से जुड़े फ़ैसले कंपनी बाज़ार के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लेगी. इसके साथ ही क्षमता और ट्रकों के प्रकार को लेकर भी फ़ैसले कंपनी अपनी माल-ढुलाई की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर लेगी.”

राज्य सरकार ने इस समस्या का हल निकालने के लिए एक उप-समिति का गठन भी किया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने अपनी एक संस्था हिमकॉन से कहा है कि वह हाई कोर्ट की ओर से प्रस्तावित फॉर्मूले के आधार पर माल-ढुलाई की दरों का आकलन करे. हिमकॉन ने अब तक इस मुद्दे पर क्या कहा है, वह सार्वजनिक नहीं है.

इस उप-समिति को अदानी समूह की ओर से सीमेंट प्लांट बंद करने के एक हफ़्ते बाद गठित किया गया था. इस समिति के अध्यक्ष आरडी नज़ीम हैं जो कि उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव है.

अख़बार लिखता है कि इस मामले में ट्रक चालकों की यूनियन के जय देव कौंदल ने कहा है, “कंपनी पचास हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करने की बात कर रही है जो कि हमारे हितों के ख़िलाफ़ है. क्योंकि सभी को पता है कि ट्रक इतनी लंबी दूरी तय नहीं करते. एक साल में तय की जाने वाली औसत दूरी 21 हज़ार किलोमीटर है. एक साल में ज़्यादा दूरी तय करने पर माल ढुलाई की लागत कम होगा. हमें नहीं पता कि कंपनी का तर्क क्या है लेकिन हमें ये स्वीकार नहीं है. हम हिमकॉन की रिपोर्ट को स्वीकार करेंगे.”

अतिरिक्त ट्रकों की बात पर कौंदल ने कहा, “इन ट्रकों को मांगने पर उपलब्ध कराया गया है. साल 2010 में सीमेंट प्लांट्स ने ज़्यादा ट्रकों की मांग की थी जिसके बाद उन्हें उपलब्ध कराया गया. और माल ढुलाई की दरों में तो 2019 में ही बदलाव किया जाना था. अब सब उम्मीदें सरकार की रिपोर्ट पर टिकी हैं.”

शुक्रवार को अदानी समूह के साथ हुई बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है, “हम संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में हैं. इस मामले को ध्यान में रखते हुए एक उप-समिति गठित की गयी है. दरें तय करने की प्रक्रिया में हिमकॉन को भी शामिल किया गया है. इन फैक्ट्रियों को बिना किसी नोटिस के बंद किया गया है जिससे व्यापार प्रभावित हो गया है. हम इसे जल्द से जल्द सुलझाना चाहते हैं.”

पीएम मोदी ने पुलिस प्रमुखों को दी ये सलाह

पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन के दौरान सभी राज्यों एवं केंद्रीय अर्ध सैनिक संगठनों के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित किया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, पीएम मोदी ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वे तकनीक से घबराने की जगह अपने कर्मचारियों को उभरती हुई तकनीकों के इस्तेमाल के लिए तैयार करें.

प्रधानमंत्री ने कहा है कि पुलिसबलों के पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिसिंग तंत्र को और मजबूत करने की ज़रूरत है.

अख़बार को एक सूत्र ने बताया है कि इस दौरान रॉ की ओर से चीन और पड़ोस से जुड़े ख़तरों पर एक प्रज़ेंटेशन भी दी गयी.

सूत्र ने बताया है कि “डीजीपी स्तर की इस बैठक में सभी आंतरिक मुद्दों पर चर्चा की गई. पीएम मोदी ने पुलिस प्रमुखों को भविष्य का रास्ता दिखाते हुए कहा है कि तकनीक से घबराने की ज़रूरत नहीं है बल्कि अपना इंफ़्रास्ट्रक्चर और तकनीकी समझ बढ़ाने की ज़रूरत है. रॉ से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी दो प्रज़ेंटेशन दी गयीं जिसमें एक चीन और दूसरी पड़ोस में तालिबान की वापसी के बाद चरमपंथी ख़तरों से जुड़ी थी.”

बीजेपी ने 2024 के लिए शुरू की तैयारियां

भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को अल्पसंख्यक समुदायों तक ले जाने के लिए 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 60 लोकसभा क्षेत्रों की पहचान की है. ऐसे इलाके चुने गए हैं जहां अल्पसंख्यकों की आबादी 30 प्रतिशत से ज्यादा है.

भाजपा इन सीटों पर चार महीने का आउटरीच कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र वायनाड भी शामिल है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, भारतीय जनता पार्टी ने प्लान बनाया है कि भाजपा कार्यकर्ता चुने गए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से 5,000 लोगों की पहचान करेंगे जो प्रधानमंत्री मोदी या उनके कल्याणकारी कार्यक्रमों की सराहना करते हैं. भाजपा मार्च-अप्रैल में एक स्कूटर यात्रा और एक स्नेह यात्रा का आयोजन करेगी और मई में पीएम दिल्ली में एक सार्वजनिक रैली के साथ आउटरीच का समापन होगा जिसे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संबोधित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में 60 सीटों के लोग शामिल होंगे.

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि हमने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मोदी जी द्वारा दिए गए संदेश को आगे बढ़ाने के लिए यह योजना बनाई है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमें अधिक लोगों तक पहुंचना है और जब तक हर वर्ग का विकास नहीं होगा, तब तक भारत का विकास नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हमें सभी को साथ लेकर चलना है, इसलिए हमें अपनी पहुंच मजबूत करनी होगी.

जमाल सिद्दीकी ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा है कि हालांकि मोदी जी ने कहा कि हमें वोट के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए, हम एक राजनीतिक दल हैं और हमें चुनाव जीतने की जरूरत है. इसलिए हमारा काम दोनों कारकों को ध्यान में रखना होगा, साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कि सरकार के कार्यक्रम हर वर्ग तक पहुंचे हैं और हर समाज तक भाजपा की पहुंच का विस्तार करना भी है.

इन लोकसभा सीटों में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से 13-13 सीटें शामिल की गयी हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर से पांच, बिहार से चार, केरल और असम से छह-छह, मध्य प्रदेश से तीन, तेलंगाना और हरियाणा से दो-दो और और महाराष्ट्र और लक्षद्वीप से एक-एक सीट शामिल हैं.

भाजपा की सूची में पश्चिम बंगाल के निर्वाचन क्षेत्रों में बहरामपुर (64 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी), जंगीपुर (60 प्रतिशत), मुर्शिदाबाद (59 प्रतिशत), और जयनगर (30 प्रतिशत) शामिल हैं. बिहार से किशनगंज (67 प्रतिशत), कटिहार (38 प्रतिशत), अररिया (32 प्रतिशत), और पूर्णिया (30 प्रतिशत) सूची में हैं.

जबकि केरल की संसदीय सीटें जहां भाजपा ध्यान केंद्रित करेगी, उनमें वायनाड (57 प्रतिशत अल्पसंख्यक), मलप्पुरम (69 प्रतिशत), पोन्नानी (64 प्रतिशत), कोझिकोड (37 प्रतिशत), वडकरा (35 प्रतिशत), और कासरगोड (33 प्रतिशत).

उत्तर प्रदेश की सीटों में बिजनौर (38.33 प्रतिशत), अमरोहा (37.5 प्रतिशत), कैराना (38.53 प्रतिशत), नगीना (42 प्रतिशत), संभल (46 प्रतिशत), मुजफ्फरनगर (37 प्रतिशत), और रामपुर (49.14 प्रतिशत) शामिल हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *