खुद को यूएई का अधिकारी बताकर दिल्ली के फाइव स्टार होटल के लूटे मज़े, 23 लाख रुपये का बिल हुआ बकाया तो फरार; करीब 6 माह बाद गिरफ्तार

Hindi New Delhi

DMT : नयी दिल्ली : (23 जनवरी 2023) : –स्वयं को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शाही परिवार का अधिकारी बताकर दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में चार महीने तक ठहरने और 23 लाख रुपये से अधिक का बिल चुकाए बिना फरार होने के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने दर्ज मामले के आधार पर बताया कि आरोपी महमेद शरीफ पिछले साल एक अगस्त को नयी दिल्ली स्थित होटल लीला पैलेस पहुंचा था। इसने कहा कि आरोपी कमरा नंबर 427 में करीब चार महीने रहा और 20 नवंबर को बिल चुकाए बिना होटल से भाग गया। इसने कहा कि बकाया बिल का भुगतान न कर होटल को 23.46 लाख रुपये का चूना लगाने के अलावा आरोपी ने होटल से कुछ कीमती सामान भी चुराया था। पुलिस ने बताया कि शरीफ को 19 जनवरी को कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ स्थित उसके घर से पकड़ा गया। इसने बताया कि आरोपी ने स्वयं को यूएई सरकार के ‘महामहिम शेख फलाह बिन जायद अल नाहयान के कार्यालय’ का एक महत्वपूर्ण अधिकारी बताकर होटल में पंजीकरण कराया और एक फर्जी बिजनेस कार्ड तथा यूएई का निवास कार्ड भी सौंपा। होटल प्रबंधन ने अपनी शिकायत में कहा, ‘ऐसा लगता है कि अतिथि ने अपनी फर्जी छवि दिखाकर होटल को धोखा देने के इरादे से अतिरिक्त विश्वास हासिल करने के लिए जानबूझकर ये कार्ड दिए।’ इसने कहा, ‘अतिथि ने अगस्त और सितंबर 2022 में कमरे के शुल्क के कुछ हिस्से के रूप में 11.5 लाख रुपये का भुगतान भी किया था। अभी तक कुल बकाया 23,48,413 रुपये है। इसके वास्ते उसने 21 नवंबर 2022 के लिए 20 लाख रुपये का ‘पोस्ट-डेटेड’ चेक जारी किया था जो विधिवत हमारे बैंक में 22 सितंबर 2022 को जमा किया गया, लेकिन अपर्याप्त धन के कारण चेक बाउंस हो गया।’ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 20 नवंबर को दोपहर करीब एक बजे वह व्यक्ति कीमती सामान लेकर होटल से फरार हो गया। शिकायतकर्ता होटल ने कहा, ‘यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित लगता है क्योंकि हमें यह लग रहा था कि 22 नवंबर 2022 तक होटल को उसके द्वारा जमा किए गए चेक के माध्यम से बकाया राशि मिल जाएगी।’ इसने कहा, ‘इससे साफ पता चलता है कि शरीफ का गलत और होटल अधिकारियों को धोखा देने का स्पष्ट इरादा था। यह नयी दिल्ली स्थित लीला पैलेस में चोरी, धोखाधड़ी और जालसाजी का स्पष्ट मामला है।”

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