मोहसिन नक़वी: सीएनएन पत्रकार से पाकिस्तानी पंजाब के कार्यवाहक सीएम तक

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DMT : अमेरिका  : (23 जनवरी 2023) : –

सैयद मोहसिन नक़वी ने पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. चुनाव आयोग ने उन्हें पंजाब का कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त किये जाने का नोटिफिकेशन जारी किया है.

झंग के सैयद परिवार से ताल्लुक़ रखने वाले सैयद मोहसिन नक़वी का जन्म 1978 में लाहौर में हुआ था.

क्रिसेंट मॉडल स्कूल से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज (जीसी) लाहौर में दाखिला लिया और वहां से ग्रेजुएशन करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका के ओहायो यूनिवर्सिटी चले गए.

उन्होंने अमेरिका से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की, जिसके बाद अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन में उन्होंने इंटर्नशिप पूरी की.

सीएनएन ने उन्हें एक प्रोड्यूसर के रूप में पाकिस्तान में न्यूज़ कवरेज करने के लिए भेजा, जहां उन्होंने कम उम्र में ही प्रमोशन हासिल किया और ‘रीजनल हेड साउथ एशिया’ बन गए.

यह आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध यानी ‘वॉर ऑन टेरर’ का दौर था जब 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका के नेतृत्व में विदेशी सेनाओं ने अफ़ग़ानिस्तान का रुख़ किया. उन दिनों मोहसिन नक़वी सीएनएन के लिए रिपोर्टिंग कर रहे थे और इसी दौरान उन्होंने अहम हस्तियों के साथ संबंध भी स्थापित किए.

उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के मुताबिक़, वह 2009 तक सीएनएन से जुड़े रहे.

मोहसिन नक़वी ने महज 31 साल की उम्र में 2009 में सिटी न्यूज़ नेटवर्क की स्थापना की और पत्रकारिता के पेशे में अपनी पहचान बनाई.

बाद में सिटी न्यूज़ नेटवर्क ने राष्ट्रीय समाचारों के लिए 24 न्यूज़ डिजिटल, फ़ैसलाबाद के लिए सिटी 41, दक्षिण पंजाब के लिए रोही टीवी, कराची के लिए सिटी 21 और विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों के लिए ‘यूके 44’ लॉन्च किया.

इसी संस्था ने लाहौर से एक स्थानीय समाचार पत्र ‘डेली सिटी 42’ की भी शुरुआत की.

एक मीडिया चैनल के मालिक के रूप में वे एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर मशहूर हैं जो अपने सहयोगियों का ख्याल रखते हैं और उन्हें बेहतर अवसर देने का प्रयास करते हैं.

एक निजी चैनल के मालिक होने के साथ साथ, सैयद मोहसिन नक़वी राजनीतिक हलकों में भी एक जानी मानी शख्सियत हैं.

पत्रकार माजिद निज़ामी के अनुसार, “मोहसिन नक़वी दिवंगत एसएसपी अशरफ़ मार्थ के दामाद हैं, चौधरी परवेज़ इलाही की भतीजी के पति हैं और मुस्लिम लीग-क्यू के प्रमुख चौधरी शुजात के बेटे सालिक हुसैन के साढू भी हैं.”

मोहसिन नक़वी को पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली जरदारी के काफ़ी क़रीबी माना जाता है.

माजिद निज़ामी के मुताबिक़, उन्होंने ही चौधरी शुजात को पीडीएम से बातचीत के लिए राज़ी किया था.

मोहसिन नक़वी का नाम विपक्षी नेता हमज़ा शहबाज़ की तरफ़ से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के लिए भेजे गए दो नामों में शामिल था.

पीटीआई की तरफ़ से आरोप लगाया गया है कि मोहसिन नक़वी पीडीएम से जुड़ी पार्टियों के क़रीबी हैं और सूबे में चुनावों को प्रभावित कर के उनके चुनाव अभियान को नुक़सान पहुंचा सकते हैं.

शनिवार को एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में तहरीक़-ए-इंसाफ़ के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने मोहसिन नक़वी को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उन पर आरोप लगाया कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने हमें पीएमएल-एन (मुस्लिम लीग-नवाज़) से भी ज्यादा नुक़सान पहुंचाया है.

एक ट्वीट में उन्होंने कहा था कि पीएमएलएन का इतिहास रहा है कि वे अपने अंपायर ख़ुद चुनते हैं लेकिन अविश्वसनीय बात यह है कि चुनाव आयोग ने पीटीआई के एक कट्टर दुश्मन को पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कैसे चुना.

उनका कहना है कि यह पद किसी तटस्थ व्यक्ति के लिए है. पाकिस्तान चुनाव आयोग ने हमारे लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाने में साथ दिया है. मैं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा ताकि इस सारे फर्जीवाड़े का पर्दाफ़ाश किया जा सके.

कुछ दिनों पहले मोनिस इलाही ने एक ट्वीट में उनकी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “यह वो शख़्स है जो कहता था कि मैं ज़रदारी का बच्चा हूं, शाहबाज़ शरीफ़ का पार्टनर और चौधरी का रिश्तेदार हूं.” मैं पाकिस्तान के फ़ैसले करूंगा.

चौधरी परवेज़ इलाही ने उनकी नियुक्ति को स्वीकार करने से इनकार किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ‘जिस व्यक्ति ने हैरिस स्टील मामले में 35 लाख रुपये की प्ली बार्गेनिंग की है, उससे न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है.’

उन्होंने आगे कहा, कि “मेरा सबसे क़रीबी रिश्तेदार कार्यवाहक मुख्यमंत्री कैसे बन सकता हैं? चुनाव आयोग का विवादित फ़ैसला हर नियम-कानून के खिलाफ है. हम चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं.”

जबकि सीनेटर शिबली फ़राज़ ने कहा है कि उनकी नियुक्ति साबित करती है, “अपराधी अपराध करने के लिए अपराधियों को नियुक्त कर रहे हैं.”

दूसरी तरफ़ कुछ हलकों ने उनकी नियुक्ति का स्वागत भी किया है.

जैसा कि संघीय मंत्री ख़्वाज़ा साद रफ़ीक़ ने कहा है, “डेमोक्रेट, निडर, मौलिक अधिकारों के दावेदार, संविधान और कानून के मानने वाले, सैयद मोहसिन रज़ा नक़वी को पंजाब का कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है.”

प्रेस की आज़ादी को सर्वोपरी रखने के लिए मोहसिन नक़वी ने कई-बार ख़ुशी ख़ुशी ज़ुल्म का सामना किया है.

यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ हलकों ने उनके मसलक (स्कूल ऑफ़ थॉट) को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना भी की है. पूर्व सीनेटर मुस्तफ़ा नवाज़ खोखर कहते हैं, “ऐसा कौन सा देश है कि जहां कार्यवाहक मुख्यमंत्री की नियुक्ति से पहले उसका मसलक देखा जाता है. यह जिन्ना का पाकिस्तान तो नहीं है.”

पत्रकार आसिमा शिराज़ी का कहना है, ‘वरिष्ठ पत्रकार और चैनल 24 के मालिक मोहसिन नक़वी के ख़िलाफ़ एक राजनीतिक दल और उसके कार्यकर्ता बहुत ही घटिया और आधारहीन अभियान चला रहे हैं, जिससे उनकी जान को भी ख़तरा हो सकता है.

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